बच्चो ने मनाया ’शिक्षक दिवस’

कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो हर रिश्ते से अलग और हृदयस्पर्शी होते हैं। एक रिश्ते और छात्र का भी वही  रिश्ता होता है। एक तरफ जहां शिक्षक बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर कड़ी परिश्रम और पूर्ण योगदान देते रहते हैं उसी तरह छात्रों के दिल में उनके लिये श्रध्दा प्रेम और आदर विद्यमान होता है। इसी मनोभावना का दिवस रहा है ’शिक्षक दिवस’।

Teachers Day 2017

जयशंकर मेमोरियल सेंटर के लगभग 130 बच्चों ने मिलकर 5 सितम्बर को ’शिक्षक दिवस’ के अवसर पर एक रंगा रंग कार्यक्रम पश किया। इस कार्यक्रम का संचालन 9वी के श्रीना और 7वी के खुशी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत 9वीं वर्ग की श्रीना और 7वीं वर्ग की खुशी ने सभी  शिक्षको और शीक्षिकाओ का अभिवादन करते हुए किया। सभी बच्चों ने कार्यक्रम का समय तथा उसमें होने वाले सभी चीजों को पहले से ही तय कर रखा था। अभिवादन के बाद 7वीं की छात्रा सलोनी और काजल के द्वारा एक सुन्दर सा गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए 8वीं की छात्रा शिवानी अंजली कंचन और नेहा के द्वारा एक सुन्दर सी कविता प्रस्तुत की गई जो काफी मनमोहक था। यह कविता हॉकी के जादूगर ध्यानचंद पर थी। पुनः 8वीं की छात्रा वर्षा और 10वीं की  छात्रा मनीषा ने मिलकर एक लुभावना सा गाना गाया। गीत संगीत का कार्यक्रम अभी लोगों के मन को अपने गिरफ्त में ले ही रहा था कि 10वीं की छात्रा अंजली के द्वारा एक दिल छू लेने वाला नृत्य पेश किया गया। बच्चों की तरफ से लगातार तालियों की गड़गडाहट गुंजयमान थी।

Teachers Day 2017

एक नृत्य अभी खत्म भी नही हुआ था कि तुरंत अलग अलग वर्गों के बच्चों ने अनेक मनमोहक नृत्य किया जैसे 9वीं और 10वीं की लड़कियों ने मिलकर शालिनी शिवानी ने एक सुन्दर सा नृत्य पेश किया। इसी क्रम को जारी रखते हुए लड़कों की तथा कुछ पुराने विद्यार्थियों ने अनेक अद्भुत नृत्य पेश किया जिसे देखकर सभी ने दांतो तले उंगलियां दबा ली। अब वक्त था नृत्य और हाथ पैर की कलाओं से सबका मन मुग्ध करने का। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने मैथ में डब्बा गुल गाने पर मिलकर नृत्य करते हुए काफी मजे किए। कार्यक्रम समापन में गुड्डी, छाया रामटेके और शिक्षक शक्तिकांत ने सभी का धन्यवाद करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा फिर सभी का आभार प्रकट करते हुए रिमेडियल के शिक्षक अतुल सागर ने कार्यक्रम का समापन किया।