लो आ गया समर कैंप का आखिरी दिन !

Children waving their certificates of participationJMC Summer Camp 2017

आज सुबह से ही बच्चे उल्लास से भरे हुए थे। जे.एम्.सी. के प्रांगण में जहां एक महीने से चल रहे समर कैम्प में जहां उन्होंने एक तरफ सूर्य की तपिश को नज़रअंदाज किया, वहीं दूसरी ओर 30 जून को मूसलाधार बारिश को भी चुनौती देते हुए कार्यक्रम की तैयारी जोर-शोर की। कमरे की सजावट से लेकर कार्यक्रम की तैयारी तक की सभी व्यवस्थाओं को लेकर इस संस्था से जुदा प्रत्येक व्यक्ति तथा छात्र आज व्यस्त था । चारों और पेंटिंग, हस्तकला, विज्ञान आदि की विभिन्न कलाकृतियो की प्रदर्शनी लगायी गयी थी। ऊँचा और सजा हुआ मंच बता रहा था कि कुछ अद्भूत और मनोरंजक कार्यक्रम होने वाला है साथ ही मंच के आगे कतारों में लगी कुर्सियों, गमलों में खिल रहे फूल और चारों ओर रंगीन शामियाने किसी का भी मन मोह लेने वाला थे।

JMC Summer Camp 2017निश्चित समय ठीक 4 बजे कार्यक्रम को आरंभ किया गया। ठीक उसी समय बारिश भी शुरू हुई। कार्यक्रम पर इसका कुछ खास असर नहीं हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत रेमेडियल शिक्षा के एक शिक्षक अतुल सागर और छात्रा श्रीना ने एक मन भावक शायरी से की -

कहते हैं खूबसूरत सा एक पल का किस्सा बन जाता है,

जाने कब कौन जिन्दगी का हिस्सा बन जाता है !

कुछ खास जगह मिलती है जिन्दगी में,

जिनसे कभी ना बिछड़ने वाला रिश्ता बन जाता है!

ऐसा ही रिश्ता यहां के बच्चे और जे.एम्.सी. बीच में बन जाता है!

आदर अभिनन्दन, आभार! नमस्कार, आदाब, सत श्री आकाल, से सभी का स्वागत करते हुए उन्होंने कार्यक्रम का उद्देष्य और उसकी जरूरत के बारे में बताया । फिर बच्चों की एक नुक्कड़ नाटक टीम ने दिल्ली की बदलती तस्वीर, बढ़ती हुई समस्या, बाल मजदूरी, महिलाओं की स्थिति, सरकारी विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था आदि समस्याओं को उजागर करते हुए एक नाटक पेश किया। जिसको देखने के बाद समाज की एक वास्तविक तस्वीर उभर कर सामने आई। नाटक के साथ-साथ बच्चों ने अनेक रंगारंग कार्यक्रम भी पेश किये - कुछ नृत्य, कुछ संगीत, आदि।

JMC Summer Camp 2017श्री प्रवीण रामटेक ने बच्चों के साथ मिलकर गीत के माघ्यम से सभी का मन लुभाया। सभी कार्यक्रम को देखकर देशक के मुंह से बस एक ही बात सामने आई - वो थी अद्भुत, सुन्दर और वास्तविक। इसके साथ-साथ एक महीने तक चले इस सत्र में बच्चों के साथ जिन लोगों ने अपना वक्त बिताया अर्थात जिन्होंने बच्चों से कुछ सीखा और सिखाया, उन लोगों ने मंच पर आकर सभी बच्चों को धन्यवाद देते हुए सम्बोधित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। सभी का कहना था की वो आए तो थे बच्चों को सीखाने, पर खुद कुछ सीख कर जा रहे थे। वे लोग यहाँ के बच्चों की प्रतिभा, लगन, एवं नई सोच को देखकर आश्चर्यचकित थे।

कार्यक्रम के अगले चरण में ताइकवांडो की टीचर शमा इदरिसी ने अपने अनुभव को सभी के साथ बांटा। साथ ही इस महीने में बच्चों ने जो आत्म रक्षा पद्धति ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लिया था उसका प्रदर्शन किया। बच्चों की कला को देखकर कोई भी अपनी तालियों को बजाने से नहीं रोक पा रहे थे।

JMC Summer Camp 2017

इसी तरह कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए छोटे बच्चों के कदमो की आहट से ही दर्शक में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़़ी। बच्चों ने जिस तरह का मनभावन नृत्य पेश किया उससे उनकी मेहनत और लगन साफ दिखाई दे रही थी। बच्चों के जाते ही मल्ली मैडम के हाथों समर कैम्प में भाग लेने वाले सभी बच्चों को सर्टिफिकेट वितरित किया गया, जिसे पाकर बच्चों में उत्साह की लहर सी दौड़ गई। बाहर बारिश और अन्दर तालियों की गड़गड़ाहट रूकने का नाम ही नहीं ले रही थी। इसी दौरान 10वीं की छा़त्रा अजंली के द्वारा एक नृत्य पेश किया गया. सभी कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए रिमेडियल एजुकेशन के युवा टीचर शशिकांत ने कार्यक्रम का समापन किया।